छत्तीसगढ़जाजंगीर चांपा

छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देशो को ठेंगा दिखा रहे जांजगीर चाम्पा के स्वास्थ्य अधिकारी,

अवधेश टंडन

सरकारी नौकरी पर पदस्त लैबटैनिसिन अवैध रूप से संचालित रहा दो-दो पैथोलॉजी लैब,

बता दे कि पूरे छत्तीसगढ़ भर में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जो कि आम लोगो की जान से खेलने का काम कर रहे है तथा जो बिना किसी पात्र व डिग्री के अपना दुकान संचालित कर रहे है उनके विरुद्ध हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी एक आदेश के अनुसार पुरे छत्तीसगढ़ भर में बिना किसी वैद्य दस्तावेज या अपात्र लोग जो कि अपना क्लीनिक,डेंटल क्लिनिक,पैथोलॉजी लैब,नर्सिंग होम आदि संचालित कर रहे है उनके विरुद्ध उचित कार्यवाही करने का निर्देश प्राप्त हुआ है।

लेकिन जांजगीर चाम्पा जिले के जैजैपुर ब्लाक में कुछ अलग ही महौल देखा जा सकता है बता दे कि जैजैपुर स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ लैबटैनिसिन सलीम खान सरकारी कर्मचारी होते हुये भी अपना निजी दो-दो पैथोलॉजी लैब अवैध रूप से संचालित कर रहा हैं।

कमीशनखोरी का है मामला…

जैजैपुर क्षेत्र अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग पर कार्यरत जिम्मेदार अधिकारियों की एक से बढ़कर एक बड़ी लापरवाही सामने आ रही है जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं पूरा मामला जैजैपुर विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत स्थित उप तहसील हसौद की है जहां एक शासकीय कर्मचारी द्वारा प्रशासन की आंखों में धूल झोकते एवं प्रशासन को चुना लगाते हुए विगत लंबे समय से लगभग 4 वर्षों से बिना किसी वैद्य दस्तावेज के हसौद पेट्रोल पंप के समीप सेम्स पैथोलॉजी निजी पैथोलैब का संचालित किया जा रहा है। आपको बता दें कि उक्त पैथोलैब का संचालक सलीम मोहम्मद खान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैजैपुर पर लैब टैक्नीशियन के पद पर नियुक्त है इस प्रकार वह एक शासकीय कर्मचारी है परंतु उक्त शासकीय कर्मचारी के द्वारा प्रशासनिक नियम को ताक में रखते हुए निजी कमाई करने हेतु एक स्थान पर नहीं अपितु दो अलग-अलग जगहों पर जैजैपुर स्वास्थ्य केन्द्र के सामने व हसौद में पैथोलैब का संचालन करते हुए प्रशासन की आंखों में धूल झोकते हुए लाखों की कमाई की जा रही है ।संबंधित मामले पर हैरान करने वाली बात यह है कि प्रशासनिक जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे उक्त शासकीय कर्मचारी के द्वारा विगत लंबे समय से जैजैपुर में भी सेम्स नामक पैथोलैब का संचालन किया जा रहा है परंतु जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उक्त पैथोलैब संचालक शासकीय कर्मचारी पर किसी भी प्रकार की कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे उक्त पैथोलैब संचालक की हौसले निरंतर बुलंद होते हुए नजर आ रहे हैं ।इस प्रकार उक्त पैथोलैब संचालन कर्ता एक शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद भी विगत लंबे समय से दो अलग अलग जगह जैजैपुर एवं हसौद पर निजी पैथोलैब का संचालन करते हुए अपना कारोबार चला रहा है परंतु प्रशासनिक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा संबंधित मामले पर किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं तथा जिम्मेदार अधिकारियों की इस नकारात्मक रवैए को देख यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कहीं ना कहीं जिम्मेदार अधिकारियों की आपसी मिलीभगत के फलस्वरुप ही उक्त शासकीय कर्मचारी द्वारा विगत लंबे समय से दो अलग-अलग जगहों पर दो निजी पैथोलैब स्थापित कर संचालन करते हुए अपना व्यवसाय किया जा रहा है।
दो अलग-अलग जगहों पर चल रहा कारोबार:-
शासकीय कर्मचारी द्वारा कहीं भी निजी संस्था खोलकर कारोबार नहीं किया जा सकता है यह प्रशासनिक नियम के विरुद्ध है। परंतु उक्त शासकीय कर्मचारी द्वारा प्रशासन की आंखों में मिर्ची डालकर दो अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नामों के साथ विगत लंबे समय से पैथोलैब स्थापित कर अपना कारोबार बैठाया गया है। जिस पर सोचनीय तथ्य यह है कि एक शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद भी उक्त संचालक को कैसे निजी पैथोलैब संचालित करने हेतु प्रशासन द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है पता करके बताऊंगी।।

डॉक्टर सरोज कच्छप बीएमओ जैजैपुर

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