जाजंगीर चांपा

रेत के अवैध कारोबार अधिकारियों के सरंक्षण में है फल फूल रहा… पढ़िए क्या है पूरा मामला…

मामले को लेकर कलेक्टर से शिकायत की तैयारी..

जांजगीर/चाम्पा:- छग राज्य निर्माण के बाद से ही प्रदेश में सत्ता के दम पर अवैध खनन का काम जोरो पर जारी रहा है। जो आज भी खनिज विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की शह पर बदस्तूर जारी है।।

अवैध खनन के इस कारोबार में कोयला पत्थर और रेत खदान भी शामिल है। जांजगीर जिले का मिरौनी रेत खदान भी इससे अछूता नही रहा है। यहां से भी फ़र्ज़ी पर्ची की आड़ में रेत खदान से बालू की अवैध खरीद बिक्री का काम जोरों पर है। जिससे होने वाली काली कमाई का बड़ा हिसा खनिज विभाग को चढ़ावे के तौर पर मिलता रहा है। यही वजह है कि उक्त रेत खदान के वर्तमान ठेकेदार के राजनीतिक रशुख के आगे अथवा उससे मिलने वाले पैसों के आगे नतमस्तक जिला खनिज अधिकारी जांजगीर उसकी अवैधानिक कृत्यों को अनदेखा कर रहे करते रहे हैं।

इसी बीच मिरौनी रेत खादान ठेकेदार के द्वारा फर्जी रायल्टी पर्ची और फ़र्ज़ी सील का उपयोग करते हुए टेक्ट्रर के स्थान पर डम्फर वाहन का उपयोग करने का एक संगीन मामला प्रकाश में आया है।

हालांकि स्थानीय लोगों की माने तो फ़र्ज़ी पर्ची का यह खेल महीनों पहले से खेला जा रहा था जो आज भी जारी है। मिरौनी रेत ठेकेदार के द्वारा किया जाने वाले यह अपराधिक कृत्य तब सामने आया जब महासमुंद पुलिस प्रशासन ने अपनी कारवाही में ठेकेदार की बालू लदी ट्रकें पकड़ी।। उक्त मामले में ठेकदार ने ट्रेक्टर के स्थान पर हाईवा ट्रक वाहन क्र.
CG11 AB-1423 में 10 घन मी.रेत लोडिंग कर महासमुन्द जिले में भेजा था। वह रेत का अवैध परिवहन करते हुए धरा भी गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार 07/जून/2020 को महासमुन्द जिले में वाहन क्र. CG11 AB-1423 को सराईपाली पुलिस जिला(महासमुन्द) में एक दो नही बल्कि चार डम्फर वाहन को पकड़ा था।इन ट्रकों में ही फ़र्ज़ी पर्चियों और खनिज विभाग के सील का प्रयोग किया गया था। जिसका खुलासा होने पर महासमुन्द खनिज अधिकारी ने पत्र क्र 2731
दिनाक 24/जून/2020 लिखकर जॉजगीर खनिज अधिकारी से लिखित में जानकारी चाही थी। हालांकि इस प्रकरण में जांजगीर जिला खनिज अधिकारी ने महासमुंद खनिज अधिकारी को क्या सही जानकारी दी यह जानना अभी बाकी है।

बताया जा रहा है कि फिलहाल रेत खदान को उक्त ठेकेदार ने किसी दूसरे पट्टेदार को 50 लाख रु लेकर खनिज विभाग की नियमवाली के विरुद्ध संचालन का अधिकार दे दिया है। अभी रेत खदान का संचालन उसी पट्टेदार के द्वारा किया जा रहा है।

जानकारों के माने तो मिरौनी रेत खदान से जुड़े कई फर्जीवाड़ों का खुलासा होना अभी बाकी है।

मिरौनी ग्राम पंचायत तहसील मालखरौदा जिला जॉजगीर चांपा महानदी रेत घाट मिरौनी के पट्टेदार दिलाराम कश्यप को महानदी खसरा नं.1696 रकबा 5.000 है. को 22/10/2019 से 21/10/2021 तक के लिए शासकीय दर पर पट्टे में
दिया गया है। किन्तु पट्टेदार द्वारा अन्य किसी दुसरे व्यक्ति से 50 लाख रू. लेकर संचालित करने
के लिए एक गैरकानूनी अघोषित करार किया गया है। जबकि नियामानुसार खनिज पट्टा किसी और को करार पर नही दिया जा सकता
है। इसी रेत से खदान से जुड़ा एक अन्य दस्तावेज सूचना के अधिकार के माध्मय से प्राप्त हुआ है। जिसमें 03/जून/2020 को रेत
खादान पट्टेदार द्वारा 3 घन प्रति मीटर अभिवाहन पास के हिसाब से रायल्टी पर्ची बुक क्र. 11092
अभिवाहन पास क्र 1109101 से 1109200 तक खनिज विभाग जांजगीर के द्वारा जारी किया गया था। रेत ठेकेदार द्वारा कुटरचना कर फर्जी सील बनाकर रायल्टी पर्ची की द्वितीय प्रति में 10 घन मी.सील लगाकर फर्जीवाड़ा किया गया है। दबंग रेत ठेकदार यही नही रूका वह ट्रेक्टर के स्थान पर हाईवा ट्रक वाहन क्र. CG11 AB-1423 में 10 घन मी.रेत लोडिंग कर महासमुन्द जिले में रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया।
विस्तार से मिली जानकारी के अनुसार 07/जून/2020 को महासमुन्द जिले में वाहन क्र. CG11 AB-1423 को सराईपाली पुलिस जिला
(महासमुन्द) में चार डम्फर वाहन को पकड़ा था । फिर महासमुन्द खनिज अधिकारी ने पत्र क्र 2731
दिनाक 24/06/2020 को जॉजगीर खनिज अधिकारी से लिखित में जानकारी मांगी थी, जिस
में जांजगीर जिला खनिज अधिकारी महासमुंद खनिज अधिकारी को पंजीकृत डाक से पत्र क्रमांक 27 31 दिनांक 25 /अगस्त/2020 को अपने जवाब में बताया कि कुल 18 एलटी पर्ची में से 3 घन मीटर ठेकेदार ने प्रस्तुत किया और अभी 525 प्रति बिना कटिंग प्रस्तुत किया जाना बाकी है । यही नही 73 अभिवाहन पर्ची जिसमें 3 घन मीटर के स्थान पर 10 घन मीटर फर्जी बिल बनाकर रचना एवं धोखाधड़ी की गई थी उसके एवज में जांजगीर खनिज विभाग ने ठेकेदार पर आश्चर्यजनक ढंग से मेहरबानी करते हुए उससे मात्र 49,420 रु का जुर्माना वसूल कर प्रकरण को अपनी तरफ से लगभग खत्म कर दिया । जबकि नियमतः इस बड़े फर्जीवाड़े के लिए उक्त रेत ठेकेदार के विरुद्ध विभाग को पुलिस में अपराध दर्ज करवाना था। इसके साथ ही तत्काल रेत खदान का आबंटन बहक निरस्त करना था। परन्तु उनके द्ववारा ऐसा किया नही गया। इस बात की जानकारी मिलते ही आरटीआई कार्यकर्ता ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 धारा 6 की उपधारा 2 के तहत 1 सप्ताह में जानकारी जांजगीर खनिज अधिकारी से समस्त जानकारी माँगी है। इसके प्राप्त होते ही उक्त मामले में संलिप्त लोगों की परेशानियां आने वाले दिनों में निश्चित तौर पर बढ़ सकती हैं। वही प्रकरण से जुड़े तमाम दस्तावेजों के प्राप्त होते ही शिकायतकर्ता कलेक्टर जांजगीर चाम्पा के अलावा पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत लेकर जाने की तैयारी में है। उसने बकायदा इस मामले को लेकर एक प्रेस नोट जारी कर बताया है कि वह जांजगीर प्रशासन के समक्ष कुछ प्रश्न रखने वाला है कि मिरौनी रेत खदान के ठेकेदार और वर्तमान संचालक के द्वारा किए गए फर्जीवाड़ों की जानकारी होने के बावजूद भी उसके विरुद्ध अब तक कोई कानूनी कारवाही क्यों नही की गई ? उसके कृत्यों के खिलाफ पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध क्यों नहीं किया.? उक्त मामले में रेत खदान का आबंटन अभी तक निरस्त क्यों नहीं किया गया है ? तब से आज दिनांक तक जितनी भी रायल्टी पर्ची खनिज विभाग द्वारा उक्त पट्टेदार को जारी किया गया है क्या उन सबकी जांच की जा रही है ? वही शिकायतकर्ता ने बिना जांच पूर्ण किये ही उक्त रेत खदान को खनिज विभाग के द्वारा वापस उसी दागी ठेकेदार को दिए जाने की वजह भी पूछी है।।

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