धरमजयगढ़रायगढ़रायगढ़ पुलिस

कैशियर पर हमला करने वाले “पेशेवर रविवादी गैंग” के 04 हमलावर गिरफ़्तार…..साथ मे एक रिवाल्वर, जिंदा कारतूस, खुखरी, तीन बाइक, मोबाइल व नकदी बरामद….


रिपोर्टर – विनोद पटेल

धरमजयगढ़ । एक के बाद एक गंभीर मामलों का शीघ्र पटाक्षेप करने वाली एसपी संतोष सिंह की टीम से इस बार भी सभी यही उम्मीद लगाये थे कि ग्रामीण बैंक के कैशियर पर हमला करने वाले हमलावरों को पुलिस शीघ्र गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज देगी, पर इस बार रायगढ़ पुलिस को चुनौती देने वाले पेशेवर गैंग के थे जिन्हें 13 दिनों के अथक प्रयासों से पकड़ा गया । घटना में शामिल चार पेशेवर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, दो फरार आरोपियों के दिगर प्रांत में छिपे होने की जानकारी मिली है जिनकी गिरफ्तारी के लिये तीन टीमों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर लगातार दबिश दिया जा रहा है ।

जानकारी के अनुसार प्रतिदिन की तरह 01 मार्च 2021 को सुबह खम्हार ग्रामीण बैंक शाखा का कैशियर विनोद लकड़ा (उम्र 40 वर्ष) अपनी बाइक पर धरमजयगढ़ से खम्हार जाने के लिये निकला था, जिसके साथ लूटपाट के इरादे से सुबह करीब 09.50 बजे ग्राम मिरीगुडा के पास विनोद लकड़ा के आगे-पीछे दो बाइक में चल रहे चार व्यक्तियों में एक बाइक के पीछे बैठा युवक विनोद पर फरार किया निशाना चूक गया तो दूसरे बाइक पर पीछे बैठा व्यक्ति देशी कट्टा से विनोद पर फायर किया, विनोद के दाहिने कंधे के नीचे गोली लगी, बाइक से नीचे गिरने पर आरोपीगण विनोद की बैग छीन कर भाग गये । आहत विनोद लकड़ा का प्राथमिक उपचार के बाद धर्मजयगढ़ से रायगढ़ फोर्टिज अस्पताल रिफर किया गया । घटना की सूचना मिलते ही एसपी संतोष सिंह के निर्देशन पर एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा, सीएसपी अविनाश सिंह, डीएसपी सतीश भार्गव, अंजू कुमारी, थाना प्रभारी घरघोड़ा, छाल, सायबर सेल स्टाफ तत्काल धरमजयगढ़ रवाना हुये । घटनास्थल पर थाना प्रभारी, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, छाल अपने टीम के साथ अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में जुटे हुये थे । देर शाम घटना के संबंध में ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा लिखित आवेदन देकर थाना धरमजयगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराया गया, रिपोर्टकर्ता बताया कि लूट की गई बैग में पासबुक,‍ टिफिन, आधारकार्ड था, अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अप.क्र. 42/2021 धारा 394,307 भादवि 25, 27 आर्म्स एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।

घटना के बाद से एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा एवं सीएसपी अविनाश सिंह ठाकुर धरमजयगढ़ में ही कैम्प लगाकर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में जुटे थे । मामले की गंभीरता को देख एसपी संतोष सिंह भी धरमजयगढ़ पहुंचे, उनके निर्देश पर कुछेक थानों को छोड़कर सभी थानों से दो-दो जवान धरमजयगढ़ में एएसपी को रिपोर्ट किये जो डीएसपी सतीश भार्गव, अंजू कुमारी, थाना प्रभारी छाल, धरमजयगढ़, घरघोड़ा के साथ अलग-अलग टास्क में लगे थे । पुलिस अधीक्षक द्वारा घटनास्थल के आसपास स्थित मोबाइल टॉवर डम्प डाटा का एनालिसिस किया गया, उनके निर्देशन पर धरमजयगढ़ से कापू, लैलूंगा, अम्बिकापुर, पत्थलगांव, कोरबा, जशपुर और गुमला, रांची मार्ग में पड़ने वाले हॉटल, ढाबा, पेट्रोल पम्प में लगे सैकड़ो CCTV फुटेज खंगाले गये तथा अज्ञात आरोपियों द्वारा पल्सर बाइक उपयोग किये जाने को लेकर रायगढ़, धरमजयगढ़, कोरबा, जशपुर के पल्सर बाइकर्स की सघन जांच पतासाजी किया गया परन्तु इसमें भी अज्ञात आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला । एक टीम जिला रायगढ़, जशपुर, सरगुजा एवं कोरबा के सम्पत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आरोपियों के वर्तमान गतिविधियों की जानकारी लेकर उसने पूछताछ में लगी थी, ‍दिगर थानों से बुलाये गये जवानों द्वारा टीम प्रभारी के साथ धरमजयगढ़ थानाक्षेत्र में टीमंस किरायेदारों, बाहर से आकर प्लांट में काम करने वाले, व्यापार करने वालों से कड़ी पूछताछ शुरू किया गया । इस दौरान हजारों व्यक्तियों से जांच टीम पूछताछ की, उनके द्वारा बताई गई जानकारी की तस्दीकी की गई ‍फिर भी टीम के हाथ कुछ नहीं आया। इस बीच धरमजयगढ़ एसडीओपी सुशील नायक टीम को ज्वांइन किये उनके साथ एक टीम हाल ही में जेल से रिहा हुये आरोपियों की जानकारी जुटाकर उनके वर्तमान पृष्ठभूमि की जांच कर रही थी । इसी दरम्यान धरमजयगढ़ पुलिस को सजायाफ्ता आरोपीगण अंजुलस एक्का, संदीप राठिया दोनों निवासी जिला कोरबा को घटना दिनांक के पूर्व धरमजयगढ़ एवं आसपास देखे जाने की सूचना मुखबिर द्वारा दिया गया जिस पर ग्राम सांचस बहार थाना लेमरू से संदेही अंजुलस एक्का तथा संदीप राठिया निवासी सोनगुडहा थाना बालको कोरबा से हिरासत में लेकर थाना लाया गया । संदेहियों से कड़ी पूछताछ के बाद दोनों अपनी जुबान खोलकर घटना में शामिल अपने 04 अन्य साथी- कल्याण खाखा झारखंड, करन दास महंत ग्राम बांसाझार छाल तथा अंजुलस एक्का का भाई लाजरूस एक्का और अंजुलस का जीजा अनिल तिर्की का नाम बताये । अन्य आरोपियों की छापेमारी में करनदास महंत और लाजरूस एक्का को भी उसके गृहग्राम से टीमे थाने लायी । दो आरोपी कल्याण खाखा झारखंड और अनिल तिर्की निवासी लेमरू कोरबा फरार है ।

गिरफ्तार आरोपियों से एक-एक कर पूछताछ कर उनका मेमोरेडंम लिया गया जिसमें जानकारी निकल कर आई कि – आरोपी अंजुलस एक्का वर्ष 2016 में कोरबा के डॉक्टर मेहता के मर्डर केस में 4 साल तक जिला कोरबा जेल में सजायाफ्ता था । कोरबा जेल में ही कुख्यात अपराधी रविवादी निवासी नकना धर्मजयगढ़ का मर्डर केस में निरुद्ध था । जानकारी मिली है कि रविवादी जेल से ही अपना क्राइम नेटवर्क चलाता है, उसने ही अंजुलस एक्का को ग्रामीण बैंक खम्हार के कैशियर सुनसान इलाके में अकेले मोटरसाइकिल से 10-15 लाख रूपये लेकर आना-जाना करने की जानकारी दिया था जिसे लूटने में ज्यादा जोखिम ना होना बताया था । जिला जेल कोरबा में संदीप राठिया निवासी सोनगुडहा बालको जो बालको थाना के लूट के मामले में अपने साथियों के साथ जेल में निरुद्ध था, अंजुलस एक्का से जान पहचान थी । वर्ष 2018 में संदीप जेल से छूटा तथा 2019 में अंजुलस जेल से छूटा था । दोनों के बीच मोबाइल से बातचीत होती थी । दोनों मिलकर जून 2020 को छाल से एक पल्सर बाइक चोरी किये थे, इस चोरी की बाइक के साथ रामपुर पुलिस जिला कोरबा दोनों को पकड़ी और कोरबा जेल में दाखिल की थी, जेल में अंजुलस, संदीप को रविवादी द्वारा ग्रामीण बैंक के कैशियर 10 से 15 लाख रूपये बिना किसी सुरक्षा के सुनशान रास्ते में लेकर जाने की जानकारी देना बताया और दोनों जेल में ही कैशियर को लूटपाट की योजना बनाये । दिसम्बर 2020 में संदीप राठिया जेल से छूटा उसके पहले अंजुलस रिहा हो चुका था, दोनों मोबाइल पर बातचीत कर कैशियर को लूटने के अपने प्लान पर 22 और 23 फरवरी 2021 को धर्मजयगढ़ और खम्हार बैंक का रैकी किये, साथ ही घटना के बाद भागने वाले रास्ते बोरो, जबगा, जमरडीह, लक्ष्मीपुर, खम्हार और धरमजयगढ़ का रास्ता देखे । 22 तारीख को ही दोनों सुबह करीब 10:30 बजे कैशियर विनोद लकड़ा को उसकी सुपर स्प्लेंडर बाइक जिसका नंबर सीजी 13 ए एल 5805 देखकर पहचान किए और उस दिन भी धर्मजयगढ़ से उसका पीछा कर दारु भट्टी तक आये थे । दोनों इस घटना में अपने साथी करनदास महंत छाल, जो थाना छाल बाइक चोरी, कुनकुरी जशपुर मर्डर केस एवं कोतरारोड थाना में ट्रक ड्राइवर से लूटपाट में शामिल था । करन और संदीप राठिया पत्थलगांव में पहले मिले थे । दोनों में मोबाइल पर बातचीत होता था । संदीप इसे 28 फरवरी को सरदुगला बुलाया । अंजुलस लूटपाट में अपने साथी झारखंड के कल्याण खाखा, अपने भाई लाजरूस एक्का और जीजा अनिल तिर्की को शामिल किया । सभी 28 फरवरी को सरदुगला में संदीप राठिया के मौसी के घर एक्ट्ठा हुये और बैंक कैशियर को लूटपाट मैं अपनी अपनी भूमिका तय किए । लूटपाट के लिए संदीप एक पिस्टल और दो राउंड रखा था जिसे अंजुलस से पहले खरीदा था । कल्याण खाखा अपने पास एक देशी कट्टा और एक राउंड रखा था और अंजुलस के पास एक लोहे की खुखरी थी । प्लान के मुताबिक 01 मार्च को दारू भट्टी के पास करन महंत और संदीप राठिया एक बाइक में कैशियर का इंतजार करेंगे । अंजुलस एक्का और कल्याण एक बाइक में दारु भट्टी के 1 किलोमीटर आगे रहेंगे तथा लाजरुस एक्का और अनिल तिर्की एक बाइक में 2 किलोमीटर आगे इंतजार करेंगे । लाजरुस एक्का और अनिल तिर्की को घटना के बाद किसी के आने पर सूचना देने व पुलिस के पहुंचने पर उसे दिग्भ्रमित करने की जिम्मेदारी दी गई थी । अपनी योजना के मुताबिक 1 मार्च 2021 के सुबह 7:00 बजे तीन बाइक में छ: आरोपी लूट के इरादे से निकले । अंजुलस सफेद काले रंग की बिना नंबर प्लेट पल्सर बाइक में था उसके साथ पीछे कल्याण बैठा था, कल्याण एक देशी कट्टा जिसमें एक राउंड लोड कर रखा था । सीडी डीलक्स लाल रंग की बिना नंबर में करन दास महंत और संदीप बैठे थे, करन बाइक चला रहा था संदीप पीछे पिस्टल लेकर बैठा हुआ था । पैशन प्रो सफेद रंग की बिना नंबर में लाजरुस और अनिल तिर्की थे । लाजरूस बाइक चला रहा था, सभी मुंह में गमछा बांधे हुए थे । योजना के मुताबिक सभी सुबह करीब 8:30 बजे धर्मजयगढ़ पहुंच गए । संदीप और करन दारु भट्टी के पास कैशियर विनोद लकड़ा का इंतजार करने लगे, अंजुलस एक्का और कल्याण दारु भट्टी के 1 किलोमीटर आगे थे । बैंक कैशियर करीब 9:45 बजे दारू भट्टी के पास आते दिखा जिसे बाइक का नंबर व कलर से पहचान लिए जिसके बाद संदीप और करन उसका पीछा करने लगे 1 किलोमीटर आगे से अंजुलस अपनी बाइक को बैंक कैशियर के पीछे चलाने लगा । दर्राघाटा के आगे मिरीगुड़ा के पास संदीप पिस्टल से कैशियर को गोली मारा उसे गोली नहीं लगी । तब कल्याण कैशियर को जान से मारने के लिए पीछे से देशी कट्टे से गोली चलाया जो कैशियर के दाहिने कंधे में लगा । कैशियर के गिरने पर संदीप बाइक से उतर कर पिस्टल दिखाकर कैशियर के बैग को लूट कर भागे । बैग लूटने के बाद मिरीगुड़ा पुलिया के पास से कच्ची रास्ता से दर्रापारा, जमरगीडीह, जबगा, बोरो , ढिंगरीमार, बसेन, पसेर खेत, बताती गए । बताती में बैग को खोल कर देखें बैग में रुपए नहीं था, तीन पासबुक कैशियर का आधार कार्ड और एक टिफिन बॉक्स था, टिफिन में रखे दाल, मूली की सब्जी और रोटी को ये लोग खाए । बैग में रखे 2 हजार रूपये एवं बैग को कपड़ा रखने का काम आएगा कह कर अंजुलस अपने पास रख लिया और करनदास महंत बैंक पासबुक, आधार कार्ड और टिफिन को वहीं बताती जंगल में फेंक दिया था । (पासबुक, आधार कार्ड को आरोपी करन महंत के मेमोरंडम पर विवेचना दरम्यान जप्ती की गई है)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button