सारंगढ़

ग्रामीणों ने लगाई कलेक्टर से गुहार , अगर नहीं हुई कार्यवाही तो करेंगे उग्र आंदोलन

ग्राम पंचायत सल्हेओना प.ह.न. 02 की पटवारी यशोदा कहार द्वारा गिरदावरी के समय शासन द्वारा जारी नियम का उल्लंघन करते हुए पड़ती भूमि जिस पर किसी प्रकार का फसल नहीं लगा है उसमें अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उक्त भूमि पर फसल एंट्री किया गया है , इसके साथ साथ प्रमाणीकरण तथा खाता दुरुस्ती एवं फौती काटने हेतु किसानों को परेशान कर किसानों से पैसे की मांग हल्का पटवारी द्वारा किया जा रहा है तथा पैसा नही देने पर किसानों को परेशान कर बार बार चक्कर काटने के लिए मजबूर किया जा रहा है । इसके साथ ही अपने पद का दुरुपयोग कर बार बार ऑनलाइन रिकॉर्ड से छेड़खानी किया जा रहा है । ग्रामीणों ने बताया कि वे अपनी कार्यालय सल्हेओना से हमेशा नदारद रहती है जिससे किसानों तथा स्कूली विद्यार्थियों जिन्हें अपनी शिक्षा हेतु आय , निवास तथा जाती प्रमाण पत्र बनवाने हेतु बार बार तहसील के चक्कर काटना पड़ता है जिससे समस्त हल्का वासियो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।

वही ग्रामीणों का कहना है कि जब से पटवारी मैडम का हमारे यहाँ आना हुआ है तब से एक – दो दिन ही अपने कार्यालय में उपस्थित रहे है बाकी अनुपस्थित ही रहे रहे है जिससे हमें बहुत परेशानियों का सामना पड़ रहा है । किसानों की जितना धान बेचना है उतना नहीं बेच पा रहे है , एक किसान ने तो यह भी आरोप लगाया है कि मेरे दादी का जब पंजीयन हेतु फौती कटवाने गया था तो हल्का नम्बर 02 के पटवारी यशोदा कहार ने 2500 रु. की माँग की जिसको मैं उनको दिया हूँ उसके बाद मेरे को फौती काट कर दिए हैं । वही ग्रामीणों का आरोप है कि जो फसल वाली जमीन है उसको टिकरा खार लिख कर परेशान किया जा रहा है जिससे हमारा जितना धान मंडी में क्रय होना है उतना क्रय नही हो रहा है ।

स्कूल के छोटे छोटे बच्चों को भी पटवारी द्वारा नही छोड़ा जा रहा है ।
वही कहते है न छोटे बच्चे पढ़ लिख कर अपनी गाँव एवम अपनी क्षेत्र की विकास करेंगे लेकिन उनका जाति – निवास प्रमाण पत्र बनवाना है और पढ़ लिख कर अपनी गाँव तथा अपनी छत्तीसगढ़ की नाम रोशन करेंगे लेकिन इनका भी जति प्रमाण पत्र पटवारी द्वारा नहीं बनाया जा रहा है । ऐसे में बच्चों का भविष्य खराब हो सकती है इससे बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे इसका जिम्मेदार कौन रहेगा पटवारी या यहाँ के अधिकारी ? जो इन पर कार्यवाही नही कर रहे हैं ।

ये तो अब जाँच की विषय है, आगे जांच होगी तो पता चलेगा कि इस घुसखोर पटवारी के ऊपर क्या कार्यवाही करते हैं ।

Back to top button