सारंगढ़

बिना अनुमति के सरकारी गौठान मे लगे हरे भरे पेड़ो को बिना प्रस्ताव के अपने घरेलू काम के लिए कटवाया गया, देखिए खास रिपोर्ट कहां का है मामला ? पड़िए पूरी खबर….

सारंगढ़ विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अंण्डोला में कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरुवा, गरुवा, घुरवा,बारी के तहत लाखों रुपये खर्च कर गांव गांव में गौठान निर्माण करवाया जा रहा हैं। एक तरफ शासन द्वारा गांवों में वृक्षारोपण कराया जा रहा है। वही दुसरी तरफ ग्राम पंचायत अंण्डोला मे बनाये गये गौठान मे लगे हरे भरे पेड़ो को बिना अनुमति के सरकारी गौठान मे लगे हरे भरे पेड़ो की अवैध कटाई किया गया एक तरफ शासन द्वारा गांवों में वृक्षारोपण कराया जा रहा है। ताकि पर्यावरण के बचाव के लिए हरे भरे पेंड़ लगाने का शासन द्वारा जोर दिया जा रहा है। तो दूसरी तरफ शासन द्वारा बनाए गए गौठान मे लगे शासकीय पेंड़ो को ग्राम पंचायत के सरपंच गौठान अध्यक्ष द्वारा ही बिना अनुमति के अवैध रूप से काटकर घरेलू उपयोग किया गया कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए अपनी जेबें भर रहे हैं।

सरपंच गौठान अध्यक्ष को शासन प्रसाशन का कोई डर नही वही सरपंच की मनमानी से ग्रामीण शिकायत तक नहीं कर रहे है। सारंगढ़ ब्लाॕक के ग्राम पंचायत अंण्डोला मे छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरुवा, गरुवा, घुरवा,बारी गोठान का निर्माण लाखों रुपये ख़र्च कर बनवाया गया है। ताकि गांवों के मावेशियों को शासकीय गौठान में रखा जा सके और पेड़ के निचे छाया में रह सके गौठान में मवेशियों के छाया के लिए पेड़ भी लगा हुआ था जिसमें दर्जनों हरे भरे पेंड़ लगे हुए थे जिसे ग्राम पंचायत के ही सरपंच गौठान अध्यक्ष के द्वारा काटा गया मशीन से पेंड़ो की कटाई की गई है। जबकि नियमानुसार शासकीय पेड़ों को काटना और बेचना गलत है।

पर्यावरण की रक्षा हेतु शासन पेंड़ लगाने का आह्वान कर रही है। लेकिन पेंड़ लगाना तो दुर गौठान मे रह रहे मवेशियों के छाया के लिए है। गौठान मे लगे हुए पेंड़ो को काटा जा रहा है। और सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है। कि ग्राम के मुखिया सरपंच गौठान अध्यक्ष के द्वारा ही ऐसा किया जा रहा है। जो कि सरपंच गौठान अध्यक्ष को कानून का कोई डर नहीं है। हरे भरे पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही हैं।अब देखना लाजमी होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद इस पर शासन प्रशासन द्वारा किस प्रकार कार्यवाही की जाती है।

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