सारंगढ़

सरपंची ख़तम लेकिन नही गया पैसे का लालच..किसानों के पैसे स्वयं के खाते डालने बना रहे दबाव…!किसान जनपद पंचायत के शरण मे…

सारंगढ़- किसी ने सही कहा है कि किसान वो फुटबॉल होता है जिसे पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सिर्फ़ लातों से मारा जाता है।
अन्नदाता और गरीब किसान की न तो राजनीतिक पहुंच होती है न ही रसूख जिस कारण पँचायत में ऐसे कई जनकल्याणकारी योजना तो आती हैं लेकिन किसानों तक पहुंचते पहुंचते उनका दम घूंट जाता है।
पहुंचता भी है तो सरपँच उनके बदले अपने रिश्तेदारों के नाम कर देते हैं या सही कीमत अदा ही नही करते।
लेकिन सारंगढ़ के कुर्राहा पँचायत की बात ही अलग और बेमिसाल है।


एस.बी.एम.में किसानों के साथ पूर्व सरपंच पूनम देवी सोनी का धोखा..!

पूर्व में संचालित निर्मल भारत अभियान के स्थान पर 02 अक्टुबर 2014 से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की शुरूआत की गई है जिसका उददेश्य देश की सभी ग्राम पंचायतों को 02 अक्टुबर 2019 तक खुले में शौच मुक्त का लक्ष्य हासिल करने का लक्ष्य रखा गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य जीवन स्तर में स्वच्छता के माध्यम से सुधार लाना, सूचना शिक्षा एवं संचार के माध्यम से स्थायी स्वच्छता सुविधाओं का बढ़ावा देने वाले समुदायों और पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करना, छात्रों के बीच स्वास्थ्य शिक्षा और साफ सफाई की आदतों को बढ़ावा देना, सुरक्षित और स्थायी स्वच्छता के लिए किफायती तथा उपयुक्त तकनीकी को बढ़ावा देना तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट का उचित प्रबंधन सुनिशिचत करना इस योजना का मुख्य उददेश्य था।

लेकिन कुर्राहा भूतपूर्व सरपँच पूनम देवी सोनी ने तो स्वच्छ भारत मिशन की परिभाषा ही बदल दी है। सरपंच ने किसानों को पहले कहा कि आप अपने पैसे से शौचालय का निर्माण करें जैसे ही सरकारी पैसा आएगा आपको दे दिया जाएगा। ग्रामीणों ने सरपंच की बात को सच मानकर यहां-वहां पैसे की व्यवस्था कर स्वयं के पैसे से शौचालय बनवा लिया।

पूर्व सरपंच, वर्तमान सरपंच पर किसानों के पैसे को स्वयं को देने के लिए बना रहे दबाव..!

कल किसानों ने जनपद पंचायत में आकर शिकायत की है और मीडिया को बताया कि लगभग 22 किसानों को पूर्व सरपंच पूनम सोनी ने कहा था कि अभी राशि नही है आप सब अपने पैसे से शौचालय का निर्माण करिए राशि आने के बाद आपको पैसा पँचायत द्वारा दिया जाएगा। इसी बीच सरपंच की अवधि समाप्त हो गयी एवं पँचायत में नए सरपँच शिव प्रसाद चौरगे ने पदभार सम्भाला..इनके कार्यकाल में उक्त शौचालय निर्माण की राशि आने पर पूर्व सरपंच पुत्र सोनी और उनके पति द्वारा शौचालय की राशि की मांग की जा रही है , जबकि वो निर्माण किसानों ने स्वयं के खर्चे से की है जिस पर किसानों का हक़ बनता है।

बार बार दवाब डालने के कारण किसान पूर्व सरपंच के ख़िलाफ़ शिकायत लेकर जनपद पंचायत पहुंचे और शिकायत भी की। जहां मीडिया को अपने साथ हो रहे अन्याय को बताया।

जनपद स्तर पर नही होगा समाधान तो जिला पंचायत सीईओ और संवेदनशील कलेक्टर भीम सिंह से करेंगे शिकायत…

ग्रामीणों ने बताया कि अगर इसकक निराकरण अभिषेक बैनर्जी तत्काल नही करेंगे और पूर्व सरपंच ऐसे ही दबाव बनाते रहे तो इसकी शिकायत जिला-पंचायत सीईओ और कलेक्टर से भी करेंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल तक जाएंगे..!

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