सारंगढ़

सरपंच-सचिव ग़लत कारनामें छिपाने लगा रहे ऐड़ी चोटी का जोर…..!ग्राम खैरा छोटे की कहानी, ग्रामीणों की जुबानी…

सारंगढ़:- एक कहावत आम जन में प्रचलित है कि ‘सच्चाई छिप नही सकती बनावट के उसूलों से” उक्त कहावत ग्राम खैरा छोटे में हुबहू चरितार्थ होती है।

सीसी रोड में भ्रष्टाचार की बात सामने लाने के पश्चात खुद को पाक-साफ करने की कोशिश में लगे जनप्रतिनिधियों के लिए अभी राहत के क्षण शुरू ही नही हुवे थे कि ग्रामीणों ने पुनः मीडिया को बताया कि सतनामी समाज और साहू समाज के मुक्तिधाम निर्माण में सरपँच द्वारा पुराने मुक्तिधाम को ही मेक ओवर कर दिया है।
जिसकी निर्माण अवधि की फोटोग्राफ भी मीडिया को प्रेषित की गयी।

पुराने मुक्तिधाम के ऊपर ही नए मुक्तिधाम निर्माण:-

ग्रामीणों के द्वारा भेजे फोटोग्राफ में स्पष्ट पता चलता है कि पुराने मुक्तिधाम के जगह को ही मेकओवर कर नया रूप दिया गया है, जिसके लिए दो मुक्तिधाम हेतु 2 लाख से ऊपर की राशि आहरण किया गया है।

जब इस बाबत सरपंच से बात करने की कोशिश की गई तो सरपंच पति ने फोन में हमारे संवाददाता को बताया कि ऐसी कोई बात नही है मैं पुराने को तोड़कर पुनः नया निर्माण किया हूँ। जब निर्माणाधीन समय की फ़ोटो पँचायत सचिव मैत्री को व्हाट्सएप किया गया तब तत्काल सरपंच पति द्वारा नव निर्माण की बात को काटकर जीर्णोद्धार हेतु पैसा सेक्शन करवाने की बात कही।

बाहर से एकबारगी देखने पर पूरी तरह नया दिखने वाला मुक्तिधाम वास्तव में पुराने मुक्तिधाम का मेकओवर ही है, जिसे सरपँच पति साहू ने स्वीकार किया है।

सतनामी समाज के मुक्तिधाम हेतु
10-06-2020 को बाउचर में सामग्री हेतु एक ही दिन में 65000 हज़ार रुपये और 6000 रुपये तथा इसी दिनांक में मजदूरी भुकतान हेतु 27000 रुपये दर्शित किया गया है।

इसी प्रकार साहू समाज के जीर्णोद्धार हेतु भी सामग्री हेतु 71000 और मजदूरी हेतु 29000 की राशि आहरित की गई है।
उपरोक्त कार्य तो लगभग सन्तोष जनक है, जिसमें कार्य की जानकारी अधूरी ही सही ग्रामीणों को तो है।

अपने पैसे से करवाया हूँ रंगमंच का निर्माण कह ग्रामीणों और मीडिया को बरगलाने की कोशिश..

गाँव वालों को सरपँच पति द्वारा रंगमंच का निर्माण स्वयं के खर्चे से करवाया हुन कहकर वाहवाही बटोरी जा रही है ताकि इनका वो कार्य छुप सके जो उन्होंने कराया ही नही। जी हाँ सही पढ़े अभी ऐसे कार्य भी हैं जिन्हें सिर्फ फाइलों में पूर्ण कह कर राशि आहरित की जा चुकी है, बहरहाल उस पर बाद में प्रकाश डाला जाएगा।

सरपँच पति ने मीडिया को दूरभाष के माध्यम से बताया कि रंगमंच का नवनिर्माण गाव के भले के लिए उनके स्वयं के खर्चे से अपने हिसाब से किया गया गया है, जिसे सुनकर ग्रामीणों की शिकायत पर विश्वास उठने लगा था, की ऐसे सरपँच सचिव जो स्वयं के पैसे खर्च कर गाँव की भलाई हेतु कार्य कर रहे हैं, वो भला कैसे फर्जीवाड़ा को अंजाम दे सकते हैं।
परन्तु जब ग्रामीणों ने बार-बार आग्रह किया तो हमने जनपद से 14 वें वित्त की जानकारी ली तो सरपँच पति सरासर मीडिया और ग्रामीणों की नज़र में धूल झोंक रहे हैं।
जिसका पुख्ता सबूत यह है कि रंगमंच का नवनिर्माण नही हुवा था, अपितु पुराने रंगमंच को ही नया रूप दे दिया गया है।

सरपँच और सचिव साहब तो रंगमंच निर्माण हेतु दिनांक 24 मई 2020 को 32380 रुपये मरम्मत और पेंटिंग के लिए निकाल भी लिए है।
औऱ 24 मई को ही सरपंच सचिव द्वारा 1 लाख 12 हज़ार 620 रुपये जनरेट करा लिया गया है।
तो भला सरपँच पति किस रंगमंच को स्वयं के खर्च से कराने की बात मीडिया को बताया गया।
वो तो ग्रामीणों के कहने पर हमने अपने स्तर पर पता लगाया जिससे सारी सच्चाई सामने आ गयी।

इसलिए कहा गया है-

“ये जो पब्लिक है ये सब जानती है पब्लिक है..अंदर क्या है बाहर क्या है ये सबकुछ पहचानती है.. पब्लिक है..”

बहरहाल अभी ग्रामीणों की माने तो सीसी रोड़ और रंगमंच, या मुक्तिधाम तो महज ट्रेलर मात्र हैं अभी तो फ़िल्म की रियल स्टोरी और क्लाइमेक्स आनी बाकी है..! ऐसे कई कार्य के पैसे सरपँच सचिव ने बिना कार्य निकाल लिए हैं जो इन्होंने जिसे सिर्फ कागजों में कराया है..! उन सभी कारनामों की जानकारी आप तक पहुंचाते रहेंगे। अगर ग्रामीणों की माने तो लिखित पुख्ता शिकायत जल्द ही जिला कलेक्टर और उच्चाधिकारियों से की जाने की बात कही जा रही है।

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