सारंगढ़

सारंगढ़ एसडीओपी जितेंद्र खूँटे और पत्रकार भरत अग्रवाल के मामले में आया नया मोड़ पड़िए..

अधिकारी पर अनुचित कार्यवाही पर आंदोलन हेतु बाध्य सतनामी समाज

सतनामी समाज के अधिकारी जितेंद्र खूँटे एस डी ओ पी सारंगढ षड्यंत्र पूर्वक फंसाने के संबंध में निष्पक्ष कार्यवाही हेतु आज रायगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारियों के द्वारा पुलिस अधीक्षक रायगढ़ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया। कुछ दिनों से मीडिया तथा समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिल रही है कि सारंगढ एस डी ओ पी जितेंद खूँटे से एक पत्रकार भरत अग्रवाल द्वारा गालीगलौज मामले में फसाने की साजिश की जा रही है एवं उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है ।


हमे पुख्ता जानकारी मिली है कि यह पत्रकार पूर्व में उद्यान विभाग के सतनामी समाज अधिकारी श्री घृतलहरे जी साथ मारपीट का अमानवीय कार्य कराया गया जिसके कारण भरत अग्रवाल व अन्य के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हुआ। जिसके कारण जिला व सत्र न्यायालय से 5 वर्ष की सजा हुई थी अभी यह उच्च न्यायालय के जमानत पर है ,इस तथाकथित को सजा होने के बाद भी अपने हरकतों से बाज नही आ रहा है ,अपनी जातिवादी घृणित मानसिकता के कारण हमारे समाज के युवा व होनहार अधिकारी के खिलाफ सडयंत्र कर उनका चरित्र हनन का प्रयास कर रहा है जिसे समनामी समाज कतई बर्दाश्त नही करेगा ।।
इसे इरादतन अपराधी का जमानत रद्द करवाए,एवं उन्हें सजा दिलाने हेतु विभागीय पत्राचार भी करे ,हमे यह भी जानकारी मिली है कि भरत अग्रवाल को सजा को जानते हुए भी थाने से संरक्षण प्राप्त हो रहा है।

जो न्यायोचित नही है निर्दोष अधिकारी को षड्यंत्र पूर्वक फसाए जाने पर सतनामी समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।इस प्रकरण में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए यही सतनामी समाज की मांग है।ज्ञापन प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के जिलाध्यक्ष बी आर बंजारे जी के नेतृत्व में दिया गया जिसमें युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष लीलाधर बानु खूँटे,उमेश सोनी,नवीन हिमधर ,शहर सचिव शिव कांशी,सुनील सोनी,शहर कोषाध्यक्ष प्रदीप मिरी,तिलक महिपाल, राजेश अजय,सुरेश जाटवर,कार्यकारिणी सदस्य दिनेश बंजारे शामिल रहे।

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