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शाला छोड़कर राजनीति करने वाले शिक्षक की कलेक्टर जनदर्शन में की गई शिकायत….।

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धमनी विकासखंड जैजैपुर में पदस्थ है शिक्षक जगजीवन जांगड़े

हसौद-सक्ती जिले अंतर्गत जैजैपुर विकास खण्ड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला धमनी के प्रधान पाठक और संकुल समन्वयक दोनों के पद पर पदस्थ हैं जो कि नियम विरुद्ध है
जनदर्शन में कलेक्टर को दिए लिखित शिकायत पत्र में पालक ने उनके ऊपर संकूल व शाला में वित्तीय भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है चूंकि वे स्वयं समन्वयक है तो वो अपने संकुल और शाला में मनमर्जी से आते हैं जाते हैं जिले भर मे घुम घुमकर सामाजिक कार्यक्रमों में जाकर नेतागिरी करते हैं गौरतलब है कि जगजीवन जांगडे सतनामी अधिकारी कर्मचारी संघ के ब्लाक अध्यक्ष और क्रांतिकारी शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्ष हैं इसके आलावा विभिन्न संगठनों से जुड़े हुए हैं और आए दिन इन संगठनों के कार्यक्रमों में भाग लेने लिए शाला से नदारद रहते हैं। उक्त शिक्षक कभी भी समय पर शाला नहीं पहूँचते हैं कभी ग्यारह बजे तो कभी बारह बजे शाला आते हैं और कभी कभी दिनभर गायब रहते हैं अपने समन्वयक होने का नाजायज़ फायदा उठाते हैं। जबकि प्रत्येक संकुल समन्वयक को तीन कालखंड अनिवार्य पढ़ाना है लेकिन लगता है इस शिक्षक को शिक्षा विभाग के नीति नियमों से कोई सारोकर नहीं है वो अपना खुद के बनाये नियम से चलते हैं।

एक ओर शिक्षक जगजीवन जांगड़े शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे कार्य करने के लिए प्रतिवर्ष विभिन्न कार्यक्रमों में जा जाकर प्रशस्ति पत्र ले रहे हैं क्योंकि वे खुद समन्वयक हैं तो अन्य शिक्षकों नाम प्रस्तावित करने के बजाय वे अपना नाम ही प्रशसित पत्र / सम्मान के लिए आगे बढ़ाते हैं। लेकिन धरातल पर देखने से पता चलता है कि स्वयं उनके ही शाला की शैक्षणिक हालात ठीक नहीं है शाला का रंग लोगन कई साल नहीं हुआ लगता है। शाला परिसर में चारो ओर गंदगी ही गंदगी दिखती है बच्चों की शिक्षा का स्तर बहुत खराब है। आजतक किसी भी पालक या ग्राम के नागरिकों ने उक्त शिक्षक को कभी शाला में बच्चों को पढ़ाते हुए नहीं देखा है।
विभाग से प्राप्त राशि का जरा भी इस्तेमाल हुआ हो ऐसा लगता नहीं है कमाल की बात ये है कि ये शिक्षक शाला के प्रधान पाठक भी है और संकूल समन्वयक भी हैं और दोनो संस्था में राशि आती है दोनो का अलग अलग बैंक पास बुक है जिसके वो ही दोनों की राशि आहरण करते हैं।

पिछले तीन साल से शाला प्रबंध समिति और पालक समिति की बैठक धरातल में नहीं हुआ है सिर्फ कागजों में ही बैठक चल रहा है जब इस बारे में शिकायतकर्ता ने जगजीवन जांगडे से बात करनी चाही तो उनके द्वारा अभद्र व्यवहार किया और बदतमीजी से बात किये जो कि एक शिक्षक के लिए अशोभनीय है।

गांव में यह चर्चा आम है कि जगजीवन जांगडे शाला में मात्र हस्ताक्षर करने के लिए ही आते हैं बाकि समय वे जिले भर में घूम घूम कर राजनीति करते हैं जिस पर लोगो का कहना है यदि उनको नेतागिरी ही करनी है तो शिक्षक का पद छोड़कर करें।

विगत 14 फरवरी को जब पूरा देश पुलवामा में शहिद हुए सैनिकों की याद में शहीद दिवस मना रहे थे तो जगजीवन जांगड़े अपनी शाला में वार्षिकोत्सव मना रहे थे इससे देश की खातिर जान देने वाले शहिदों की शहादत को ठेस पहुंचती है पालकों ने उनको कार्यक्रम करने से मना भी किया और अन्य दिवस करने का निवेदन किया लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया।

ऐसा नहीं है कि उक्त शिक्षक के कारनामों की भनक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को नहीं है शिकायतकर्ता ने बताया कि वे खुद विकासखंड शिक्षा अधिकारी से बात कर चूके हैं और सारी हकीकत उनको पता है।
अब देखना है कि कलेक्टर मैडम शिकायत पत्र पर क्या कार्यवाही करती हैं।

पालक , रवि खटर्जी – हां मैने जनदर्शन में शिकायत किया क्योंकि मेरे घर के बच्चे उनके शाला में पढ़ते हैं और उनके भविष्य का सवाल है।

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