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लोकवाणी (आपकी बात-मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ) प्रसारण तिथि : रायपुर, 11 अप्रैल, 2021

विषय – ‘नया बजट-नए लक्ष्य’

एंकर
–    सभी श्रोताओं को नमस्कार, जय जोहार।
–    साथियों, आज लोकवाणी कार्यक्रम का सत्रहवां पायदान है अर्थात सत्रहवीं कड़ी का प्रसारण हो रहा है। 
–    इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी और आप सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत है।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    सियान मन, दाई मन, दीदी मन, बेटी-बेटा, सब्बो-संगवारी मन ला मोर डहर ले जय जोहार। आप मन के सहयोग अऊ मया के कारन हमर लोकवाणी ह सरलगहा आघू बढ़त हे।
–    एकर माध्यम ले आप मनके गोठ-बात ला सुनथंव तो मोला बने लागथे अऊ कुछ नवा करेके प्रेरणा घलोक मिलथे। एकर बर आप सब्बो मन ला धन्यवाद।
एंकर
–    माननीय मुख्यमंत्री जी, लोकवाणी का यह प्रसारण ऐसे कठिन समय में हो रहा है कि एक ओर हमारे सुदूर बीजापुर जिले में नक्सलवादी हमले से बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर कोरोना की दूसरी लहर के कारण देश और दुनिया की तरह छत्तीसगढ़ में भी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बन गई हंै। आप सबसे पहले इन चुनौतियों पर अपने विचार रखें।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    निश्चित तौर पर बीजापुर में नक्सली हिंसा की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
–    इस घटना में सीआरपीएफ तथा राज्य पुलिस बल के हमारे साथी हताहत हुए हैं।
–    जिन वीर जवानों की शहादत हुई है, उन्हें मैं अपनी ओर से तथा राज्य की 2 करोड़ 80 लाख जनता की ओर से सादर श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।
–    हमारे सुरक्षा बल के जवान बहुत ही बहादुरी के साथ नक्सलवादियों से लड़े और वीर गति को प्राप्त हुए। मैं अमर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। भगवान उनके परिजनों को यह गहन दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। 
–    हमारा संकल्प है कि इन अमर शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने के लिए भारत सरकार की मदद से निर्णायक अभियान जारी रखा जाएगा।
–    इस घटना को अपनी आंखों से देखने और मुकाबला करने वाले घायल जवानों से हमारी मुलाकात हुई तो मैंने उनकी आंखों में आत्मविश्वास की चमक देखी है। मैं बताना चाहता हूं कि इस घटना के बावजूद हमारे वीर जवानों का हौसला कम नहीं हुआ है।
–    मैं आप सबसे अपील करता हूं कि नक्सलवादी हिंसा में शहीद हुए हमारे वीर जवानों के परिवारों के दुःख में सहभागी बनें। राज्य सरकार ने प्रत्येक शहीद के परिवार को 80 लाख रूपए की आर्थिक सहायता तथा उनके आश्रितों को नौकरी दिलाने की पहल की है। यह कत्र्तव्य निर्वाह का एक छोटा सा प्रयास है। मैं चाहूंगा कि आप सब, निजी तथा सामाजिक रूप से शहीद परिवारों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करें।
–    निश्चित तौर पर नक्सलवादी हिंसा हमारे महान संविधान और लोकतंत्र की भावनाओं के खिलाफ है।
–    ऐसी अराजक और हिंसक विचारधारा को सभ्य समाज में कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए।
–    इसके खिलाफ हम वैचारिक-राजनीतिक लड़ाई भी लड़ रहे हैं। जन विकास ही हमारा एजेण्डा है।
–    निश्चित तौर पर नक्सली हिंसा से निपटने के लिए सैन्य उपाय तो जरूरी हैं ही लेकिन किसी भी स्तर पर ऐसी अराजक विचारधारा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर विश्वास करते हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों, सिद्धांतों और तौर तरीकों पर विश्वास करते हैं। इसलिए मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि नक्सलवादी हिंसा का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा और इसके लिए मैं आपके सबके सहयोग और समर्थन की अपील भी करता हूं।   
–    जहां तक कोरोना या कोविड-19 की दूसरी लहर के देश-दुनिया और प्रदेश में बढ़ते प्रकोप का विषय है तो मेरा मानना है कि इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए हमें बहुत संयम, धीरज, सावधानी तथा कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत है।
–    राज्य सरकार द्वारा स्थिति का मुकाबला करने के लिए जांच, उपचार, टीकाकरण तथा जागरूकता अभियान चलाने जैसी सारी व्यवस्थाएं की गई हैं।
–    लेकिन यह मामला सिर्फ संसाधन और कानून-व्यवस्था के सहारे सफलता हासिल करने का नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को बहुत बारीकी से समझने की जरूरत है कि कोरोना वायरस किस प्रकार फैलता है। इसे किस प्रकार नियंत्रित रखा जा सकता है। सावधानी बरतने में कोताही करने से न सिर्फ व्यक्ति बल्कि उसका परिवार और उसके संपर्क में आने वाले अनेक लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो जाते हैं।
–    इसलिए मैं आप सबसे अपील करता हूं कि जितना अधिक संभव हो उतना अधिक घर पर रहें।
–    अलग-अलग जिलों में जिस तरह से नियंत्रण के प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं, उसमें सहयोग प्रदान करें।
–    सार्वजनिक तथा निजी सुरक्षा के उपायों का पूरी तरह पालन करें।
–    पात्रता के अनुसार टीका लगाने में किसी भी तरह का भ्रम नहीं रखें।
–    बिल्कुल स्पष्ट मानें कि टीकाकरण एक सुरक्षित उपाय है और पात्रता अनुसार सभी को अनिवार्य रूप से टीका लगवाना है। जिन्होंने पहला डोज ले लिया है, वे दूसरे डोज का ध्यान रखें और किसी भी स्थिति में दूसरे डोज की अवहेलना न करें।
–    टीका लगाने से संक्रमण की तीव्रता तथा क्षति में कमी आती है, पर पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए टीका लगाने के बाद भी सुरक्षा उपायों का पालन करते रहें। मास्क लगाना, साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोना, हाथों को सेनेटाइजर से साफ करना, अपनी निजी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए डाॅक्टरों के परामर्श से विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक का उपयोग, गर्म पानी के गरारे करना, भाप लेना आदि उपाय करते रहें।
–    भीड़ में जाने से बचें अर्थात फिजिकल डिस्टंेसिंग नियमों का पालन करें। 
–    विभिन्न समाजों तथा संगठनों के प्रमुख लोगों, विशेषज्ञों से परामर्श के बाद जिला प्रशासन द्वारा अपने-अपने जिलों में लाॅकडाउन की कार्यवाही की जा रही है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा जो भी उपाय किए जा रहे है। वे सब आपकी सुरक्षा के लिए हैं। इन सभी उपायों को पूरी गंभीरता के साथ अपनाएं।
–    पिछले दौर में आपने देखा है कि आप सबके सहयोग तथा सुरक्षा उपायों को अपनाने से कोरोना संक्रमण में काफी हद तक कमी आई थी। हम सब मिलकर एक बार फिर पूरी गंभीरता से सुरक्षा के उपाय करें तो हम फिर कोरोना से निजात पा सकते हैं। 
–    यह समय किसी भी तरह से दहशत अथवा गलत जानकारी फैलाने का नहीं है बल्कि समझदारी से मानवता की सेवा करने का है। आप अपना ध्यान रखकर बेहतर तरीके से यह काम कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आपका पूरा सहयोग मिलेगा।
एंकर
–    माननीय मुख्यमंत्री जी, लोकवाणी की इस सत्रहवीं कड़ी के लिए विषय रखा गया था- ‘नया बजट-नए लक्ष्य’।
–    हमारे बहुत से श्रोता इस कार्यक्रम से जुड़े हैं, जिन्होंने आपका बजट भाषण सुना था, पढ़ा था, लेकिन अपनी जिज्ञासाओं को शांत करना चाहते हैं। आइए सुनते हैं कुछ विचार-
–    सर जी, मैं नर्मदा-धाम सुलसिली, जिला-बालोद से कैलाश यादव बोल रहा हूं। जो इस वर्ष का नया बजट पेश किया गया है। सभी वर्ग के लक्ष्य को ध्यान में रखकर पेश किया गया है, खेतों को सड़कों तक जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री धरसा योजना शुरू की जाएगी। किसान भाई के सुविधा के लिए 11 तहसील 5 एसडीएम आॅफिस खोला जाएगा। युवाओं के लिए उच्च शिक्षा हेतु 3 मेडिकल काॅलेज, 6 नवीन महाविद्यालय एवं बस्तर संभाग के सभी जिलों में बस्तर टाइगर के नाम से विशिष्ट पुलिस बल का गठन किया जाएगा। छात्रावास आश्रमों में महिला एवं छात्रावास की सुविधा के लिए महिला एवं गार्ड की भर्ती की जाएगी। स्वच्छता दीदीयों का मानदेय 5000 को बढ़ाकर 6000 किया जाएगा। मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा मिलेगा। इस प्रकार की घोषणा से माननीय मुख्यमंत्री जी को हार्दिक बधाई।
–    मेरा नाम तोरण साहू है, राजिम विधानसभा ग्राम अरण से हूं और मेरा मंत्री जी से यह सवाल है कि योजना लाया है। अभी बजट में पेश किया है कि भूमिहीन परिवारांे को भी न्याय योजना के तहत राशि देंगे तो यह  कौन से माध्यम से इसे मिलेगा बजट मंे जो कि पेश किए है।
–    बुलाकी वर्मा, रायपुर से बोल रहा हूं। हमर प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल जी ल जय जोहार करत हंव।
–    जब से प्रदेश में आपकी सरकार बनी है, तब से हम किसान भाई और हमारे परिवार के सदस्य चिंतामुक्त हो गए हैं। आर्थिक मंदी और कोरोना संकट के दौर में भी आपने जिस तरह से हम किसानों को आर्थिक सहायता दी वह बहुत साहस का काम था, इसके लिए आपको साधुवाद।
–    माननीय मुख्यमंत्री जी, कोरोना की भयंकर महामारी के बीच भी आपने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत हम 19 लाख किसानों के खाते में 5 हजार 628 करोड़ रू. का भुगतान किया और वादा निभाकर किसानों का दिल तथा विश्वास जीता है। नए बजट में फिर आपने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए बजट प्रावधान किया है। कृपया इस संबंध में बजट प्रावधान तथा किसानों के लिए आगे और भी क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसके बारे में जानकारी देने की कृपा करें।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    धन्यवाद कैलाश यादव जी, तोरण साहू जी, बुलाकी वर्मा जी।
–    मुझे खुशी है कि बजट के बारे में बहुत सी बातें आप लोगों तक पहुंच गई हैं।
–    दो महत्वपूर्ण सवाल आप लोगों ने किए हैं। एक राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बारे में हैं। दूसरा भूमिहीन परिवारों की न्याय योजना के बारे में।
–    राजीव गांधी किसान न्याय योजना का उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न फसल लेने वाले किसान भाइयों को किसी न किसी तरीके से सशक्त बनाना है। पहले साल हमने 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान किया। दूसरे साल समर्थन मूल्य पर खरीदी के नियम के अनुसार समर्थन मूल्य का भुगतान किया और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, मक्का, गन्ना आदि फसल लेने वाले लगभग 19 लाख किसानों को 5 हजार 628 करोड़ का भुगतान किया गया।
–    इस साल हमने 20 लाख 53 हजार किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की है। जो प्रदेश के इतिहास में धान खरीदी का सबसे बड़ा कीर्तिमान है।
–    इस वर्ष भी हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को नगद सहायता देने के लिए 5 हजार 703 करोड़ रू. का बजट प्रावधान रखा है। 
–    इसके अलावा चिराग योजना के तहत 7 आदिवासी बहुल जिलों और मुंगेली जिले के 14 विकासखण्डों में पोषण सुरक्षा व किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 150 करोड़ रू. का बजट प्रावधान रखा गया है।
–    किसानों को बिना ब्याज ऋण देने के लिए इतिहास में सबसे बड़ा लक्ष्य 5 हजार 900 करोड़ रू. ऋण वितरण का रखा  है। जिसके लिए बजट प्रावधान किया गया है।
–    किसानों को रियायती तथा निःशुल्क बिजली देने के लिए 2 हजार 500 करोड़ रू. का प्रावधान रखा गया है। 
–    वहीं सिंचाई पम्पों के ऊर्जीकरण पर लगभग 1000 करोड़ रू. खर्च होंगे। सोलर पम्पों के लिए 530 करोड़ रू. का प्रावधान है तो लगभग 35 हजार लंबित सिंचाई पम्प कनेक्शन देने का काम भी पूर्ण किया जाएगा, जिसमें करीब 350 करोड़ रू. खर्च होंगे। 
–    उद्यानिकी फसलों के विकास के लिए अनुदान सहायता पर 495 करोड़ रू. खर्च किए जाएंगे।
–    इस तरह किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए हमारी सरकार कृत-संकल्पित है। मैं चाहूंगा कि किसानों की जेब में जो पैसा डाला जा रहा है। वह उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलम्बन और खुशहाली में लगे।
–    सभी किसान भाइयों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 
–    ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों की सहायता हेतु नवीन न्याय योजना का उद्देश्य भूमिहीन श्रमिकों को नियमित आय सुनिश्चित करना है। इस संबंध में विस्तृत नियम बनाए जा रहे हैं।
–    हमने न्याय को जरूरतमंद तबकों की आय से जोड़ा है क्योंकि एक निश्चित आय मिलने से ही किसी व्यक्ति का जीवन संवारा जा सकता है। 
–    एक सवाल गोधन न्याय योजना के बारे में भी पूछा गया है तो मैं बताना चाहता हूं कि 2 रू. प्रति किलो की दर से गोबर खरीदने का काम जारी रहेगा।
–    गोबर खरीदी पर हमने राज्य सरकार की तरफ से हालांकि लगभग 90 करोड़ रू. का भुगतान किया है। लेकिन मुझे यह कहते हुए खुशी है कि गौठानों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों ने वर्मी खाद उत्पादन तथा बिक्री, गोबर दिया निर्माण आदि कार्यों से लगभग 950 करोड़ रू. की आय प्राप्त की है। 
–    वैसे तो हमारा प्रयास है कि स्वावलम्बी गौठानों का विकास तेजी से हो, लेकिन गौठान योजना के लिए बजट में 175 करोड़ रू. का प्रावधान किया गया है, जिससे गौठानों की गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित होती रहें।
एंकर
–    छत्तीसगढ़ में आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में एक नए तरह की चेतना दिखाई पड़ रही है। जिसकी वजह है वहां के स्थानीय संसाधनों और अवसरों पर नए प्राणों का संचार। माननीय मुख्यमंत्री जी आपने जिस बदलाव की शुरूआत दो साल पहले की थी, उसके असर और नई उम्मीदों के बारे में आइए सुनते हैं। कुछ लोगों के विचार-
–    मैं हेमन्त कश्यप, जगदलपुर से बोल रहा हूं। माननीय मुख्यमंत्री जी, आपको सादर नमस्कार। लोकवाणी के माध्यम से आपने जनता से सीधी बात करने की जो प्रणाली अपनायी है, उसका काफी अच्छा असर हो रहा है। आपकी मासिक पत्रिका छत्तीसगढ़ जनमन के फरवरी-मार्च अंक में बस्तर के बदलाव के बारे में काफी विस्तार से कव्हर किया गया है। एक पत्रकार होने के नाते मुझे बहुत अच्छा लगा कि बस्तर के बदलाव को जनमन पत्रिका में उचित जगह मिली है।
–    माननीय मुख्यमंत्री जी, आपके वर्ष 2021-22 के बजट में एक बार फिर अनुसूचित क्षेत्र, आदिवासी अंचलों, वन अंचलों, ग्रामीण क्षेत्र की हित की बहुत बड़ी घोषणा की गई हैं, रूरल इंडस्ट्रियल पार्क और सी-मार्ट स्टोर वास्तव में अपने तरह की एक शानदार पहल है। लेकिन बजट की इन योजनाओं पर अमल कैसे होगा। इसके अलावा आदिवासी अंचलों के लिए बजट में और क्या प्रावधान हैं? कृपया इस बारे में जानकारी देने का कष्ट करें। 
    आपने ‘लोकवाणी’ के माध्यम से ‘बजट’ को लेकर लोगों की जिज्ञासा शांत करने का जो प्रयास किया है, वह सराहनीय है, इसके लिए आपको साधुवाद। 
–    माननीय मुख्यमंत्री जी नमस्कार मैं मिनकेतन राणा, माटी शिल्पीकला से जुड़ा व्यवसाय करता हॅू। छत्तीसगढ़ के बजट में शिल्पकारों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे उनके आजीविका चल सके। ऐसे में क्या शिल्पकारों के लिए क्या किए जाएंगे, जिससे उनकी रोजगार के साथ आय का साधन बना रहे। धन्यवाद। प्रणाम।
–    माननीय मुख्यमंत्री जी जय जोहार। मैं रायगढ़ से गौरव सलूजा मछली पालन का व्यवसाय करता हूँ। हमें यह बात आपके बजट से जानकर बहुत खुशी हो रही है कि मछली पालन को आपके द्वारा कृषि का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिससे कि हमें कृषि का दर्जा प्राप्त होने के पश्चात क्या क्या लाभ मिलेंगे, इसका मार्गदर्शन देने की कृपा करें। धन्यवाद माननीय मुख्यमंत्री जी।
–    माननीय मुख्यमंत्री जी सादर नमस्कार। मैं परमेश्वर चक्रधारी, भानुप्रतापपुर, बासला से बोल रहा हंू। मैं कुम्हार हूं और मिट्टी शिल्प में कलाकृतियां और मिट्टी के बर्तनों का निर्माण करता हूं। रजककार विकास बोर्ड गठन की बात मैंने सुनी है। बजट में आपने इसकी घोषणा की है और यह जानकर मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मैं आपसे यह जानना चाहता हूं कि हमारे समाज का इस बोर्ड से कैसे भला होगा और हमें रोजगार के अवसर कैसे प्राप्त होंगे।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    हेमन्त कश्यप जी, मिनकेतन राणा जी, गौरव सलूजा जी, परमेश्वर चक्रधारी जी।
–    बस्तर में बदलाव की सबसे बड़ी जरूरत वहां के लोगों के स्वाभिमान को वापस लौटाने व स्वावलम्बन दिलाने की थी।
–    आदिवासी समाज की जिंदगी को समझने की थी।
–    सारे संसाधन उनके आसपास होते हुए भी उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिसकी शुरूआत हमने की।
–    दो साल पहले तक मात्र 7 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर होती थी। हमने उसे बढ़ाकर 52 तक पहंुचा दिया। 
–    तेंदूपत्ता संग्रहण को उनकी आय का मुख्य जरिया बताया जाता था। लेकिन ले-देके वर्ष 2018 तक मात्र 2500 रू. प्रति मानक बोरा मजदूरी दी जाती थी।
–    हमने आते ही इसे बढ़ाकर 4 हजार प्रति मानक बोरा कर दिया।
–    बहुत बड़े पैमाने पर वन अधिकारों के दावे खारिज करते हुए बहुत बड़ी आबादी को बहुत बुनियादी अधिकारों से वंचित किया गया था। हमने निरस्त दावों की समीक्षा कराई और बहुत बड़े पैमाने पर वन अधिकार पट्टे दिए।
–    इस तरह आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि परंपरागत वन निवासियों को भी उनके अधिकार दिलाने का सिलसिला शुरू हुआ।
–    हमने वनों की तरह ही ग्रामीण अंचलों में भी परंपरागत रोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया।
–    आज मैं यह कह सकता हूं कि हमने दो सालों में एक ऐसी संरचना बना ली है, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी सहित आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को तत्काल सहायता मिले। उनकी जेब में नकद राशि जाए, जो  उनकी क्रय शक्ति के साथ उनका स्वावलम्बन बढ़ाए। साथ ही उनके भीतर उद्यमशीलता का विकास करे।
–    हमारे प्रदेश में विभिन्न प्रकार के खाद्यान्न, वनोपज तथा हाथ की कला से बहुत ही उम्दा, वस्तुएं बनाने की परिपाटी है। परंपरागत ज्ञान के रूप में ये चीजें आज भी जनमानस में है। इसे बढ़ाने के लिए हमने कुछ नए फैसले लिए हैं।
–    शहरी क्षेत्रों में पौनी-पसारी योजना की तर्ज पर एक कदम और आगे बढ़ते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना का प्रावधान नए बजट में किया गया है। 
–    छत्तीसगढ़ के स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे ढेकी का कूटा चावल, घानी से निकला खाद्य तेल, कोदो, कुटकी, मक्का से लेकर सभी तरह की दलहन फसलें, विविध वनोपज जैसे इमली, महुआ, हर्रा, बहेरा, आंवला, शहद एवं फूलझाडू इत्यादि व वनोपज से निर्मित उत्पाद तथा टेराकोटा, बेलमेटल, बांसशिल्प, चर्मशिल्प, लौहशिल्प, कोसा सिल्क तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसी सभी सामग्रियों को एक ही छत के नीचे विपणन की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए राज्य एवं राज्य के बाहर सी-मार्ट स्टोर की स्थापना की जाएगी, जो विशिष्ट छत्तीसगढ़ी ब्राण्ड के रूप में मशहूर होंगे। योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को अधिक लाभांश दिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
–    चालू सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 112 करोड़ की लागत के 4 लाख 74 हजार क्विंटल लघु वनोपज का संग्रहण किया गया है। ट्राईफेड नई दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज क्रय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान है।
–    नए बजट में हमने घोषित किया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी एवं रागी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अन्य लघु वनोपज की भांति उपार्जित किया जाएगा।
–    इसके अलावा 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को आकस्मिक मृत्यु अथवा दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ प्रारंभ की गई है। वर्ष 2021-22 के बजट में इस हेतु 13 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
–    विशेष केन्द्रीय सहायता पोषित स्थानीय विकास कार्यक्रमों हेतु 359 करोड़ तथा आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु 170 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
–    कुछ साथियों ने मछली पालन, लाख पालन, कर्मकार विकास बोर्ड को लेकर भी सवाल किए हैं।
–    मैं बताना चाहता हूं कि मछली पालन और लाख पालन को कृषि के समकक्ष दर्जा देने से इस क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों को संबल मिलेगा।
–    कृषि का दर्जा मिलने से इन्हें ब्याज रहित ऋण तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकता है।
–    हमने राज्य में उपलब्ध जल क्षेत्रों में से 95 प्रतिशत जल क्षेत्र का उपयोग 2 लाख से अधिक मछुवारा परिवारों को बेहतर आय दिलाने के लिए किया है। परंपरागत मछली पालन करने वालों के अलावा नए लोग तथा युवा अब इस काम से जुड़कर अपना भविष्य बना सकते हैं।
–    तेलघानी विकास बोर्ड, चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड तथा रजककार विकास बोर्ड के माध्यम से परंपरागत कर्मकारों के कल्याण के कदम उठाए जाएंगे।
एंकर
–    माननीय मुख्यमंत्री जी, आपने बजट में महिलाओं के लिए, स्वास्थ्य के लिए, शिक्षा के लिए जो प्रावधान किए हैं, उनसे संबंधित जिज्ञासाओं के बारे में आइए सुनते हैं, कुछ लोगों के विचार। 
–    जय जोहार, मुख्यमंत्री जी। मैं किरणमयी नायक, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हूं। 
–    छत्तीसगढ़ की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों में महिलाओं को पीढ़ी दर पीढ़ी कई तरह अभावों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों की बेहतर देख भाल करते हुए महिला सदस्यों को ही सबसे ज्यादा समझौता करना पड़ता है। हमें खुशी है कि आपने एक के बाद एक, ऐसे अनेक फैसले लिए हैं, जिनसे महिलाओं को घर चलाने में मदद मिली और आर्थिक मजबूती भी मिली। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में आपने महिलाओं की सेहत का ध्यान रखा। 2वर्षो में शिक्षा कर्मियों का नियमितीकरण किया। सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण से लेकर हाफ बिजली बिल योजना तक भी योजनाओं के महिलाओं को काफी मदद मिली है। लेकिन जो सबसे बढ़िया चीज आपने अभी किया है, नये बजट में आपने दूसरी संतान बेटी होने पर कौशल्या योजना के माध्यम से 5000 रूपए आर्थिक मदद की नयी पहल की है। 
कृपया इस नई योजना के बारे में बताइए, ताकि हमारी बहनें/बेटियां इसका लाभ ले सकें।    जय जोहार
–    माननीय मुख्यमंत्री जी सादर नमस्कार। मैं डाॅक्टर महेश सिन्हा, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसियेशन, छत्तीसगढ़ राज्य। आपको आपके बजट में किए गए स्वास्थ्य के प्रावधानों के लिए धन्यवाद देता हूॅ और आशा करता हूॅ कि जो इसका जो प्रावधान है, उसे बढ़ाया जायेगा। जिससे जो एक उम्मीद थी कि दूरस्थ अंचलों और ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रसार हो सके। आपने कुछ जो नवोदय प्रयास किए है स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ अंचल ले जाने के लिए वो काफी प्रशंसनीय हैं। और आशा करते हैं कि बजट और भी प्रावधान होंगे, जिससे कि हमारे राज्य के स्वास्थ्य के स्तर और विकास में निरंतर वृद्धि होती रहेगी धन्यवाद।
–    मैं डाॅक्टर जवाहर सूरी सेट्टी, माननीय मुख्यमंत्री महोदय, इस बार का बजट बेहतरीन था। खासकर के 52 अंग्रेजी मीडियम स्कूल जो खोले जा रहे है और आगे चलकर 112 और खोले जाएंगे। यह एक बेहतरीन पहल है, क्योंकि छत्तीसगढ़ के बच्चे अंग्रेजी में पिछड़ने की वजह से माना जाता था कि ये नौकरियों के लायक नहीं है। इस धारणा को कम से कम हम अलग कर सकते है और बच्चों को अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में अच्छी शिक्षा दे सकते है, तो बेहतरीन पहल होगा। वो रोजगार के लिए भी बेहतर तैयार हो सकते है। दूसरा है कि महिला सशक्तीकरण के लिए जो पृथक महाविद्यालय का जो पहल है वह बेहतरीन है। कुछ तो आप लोगों ने सोचा है महिलाओं के बारे में। तीसरा है कि युवाओं के लिए जो रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे वो इस बजट में जिसका प्रावधान है और नई शिक्षा नीति के तैयारी के हिसाब से भी कौशल उन्नयन का जो प्रावधान है यह बेहतरीन पहल है। इनको आगे किस तरह से हम जारी रख सकते है इस बारे में आपसे जानना था बस। धन्यवाद। 
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    धन्यवाद किरणमयी जी। आपने कौशल्या मातृत्व योजना के बारे में पूछा है।
–    मैं बताना चाहता हूं कि सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना में जो भी पात्र हितग्राही हैं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
–    हमने यह देखा कि प्रथम संतान यदि बेटा/बेटी हो तो उसके लिए तो योजना है। लेकिन दूसरी संतान बेटी होने पर ऐसी कोई योजना नहीं थी, जिससे बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन मिले। इसलिए हमने माता कौशल्या के नाम से योजना बनाई। छत्तीसगढ़ से भगवान राम और माता कौशल्या के अटूट रिश्ते को याद करते हुए योजना का नामकरण किया गया। इस योजना से करीब एक वर्ष में 24 हजार प्रसूता बहनों को लाभ मिलेगा।
–    डाॅ. महेश सिन्हा जी ने स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट प्रावधानों की चर्चा की है।
–    डाॅक्टर साहब मैं बताना चाहता हूं कि हमारा पूरा जोर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयन पर है। वहां आधुनिक सुविधाओं के विकास पर है। इतना ही नहीं सरकारी क्षेत्र में हम 4 मेडिकल काॅलेज ला रहे हैं।
–    3 मेडिकल काॅलेज कांकेर, कोरबा और महासमुन्द में नए खुलेंगे तो चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल काॅलेज दुर्ग का शासकीयकरण किया जाएगा। रामानुजगंज में 100 बिस्तर, नवा रायपुर में 50 बिस्तर, ग्राम सन्ना (जिला-जशपुर), शिवरीनारायण (जिला जांजगीर-चांपा) रिसाली (जिला दुर्ग) में 30-30 बिस्तर के अस्पताल खोलने तथा 37 स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण का प्रावधान भी किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिक योजना, हमर लैब योजना आदि के माध्यम से हम जन-जन तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रहे हैं।
–    जवाहर सूरी सेट्टी जी।
–    मुझे खुशी है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और सुविधाओं में विस्तार के हमारे प्रयासों को आप जैसे शिक्षाविद् करीब से देख रहे हैं।
–    हमने जिन योजनाओं का उल्लेख किया है, उसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान भी किया है।
–    इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर शासन और प्रशासन पूरा ध्यान दे रहे हैं। अतः मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हम सफल होंगे।
एंकर
–    माननीय मुख्यमंत्री जी, हमारे श्रोताओं को अधोसंरचना विकास की भी चिंता है। आइए सुनते हैं-
–    महासमुंद जिला गिरधारी लाल नायक बोल रहा था। विकासखण्ड बसना ग्राम लोहड़ीपुर से बोल रहा था। मुख्यमंत्री सड़क योजना में सरकार का बजट क्या है क्योंकि मैं रूर्बन ग्राम पंचायत होते हुए भी आज तक वहां पक्की रोड नहीं बनी प्रावधान होना चाहिए बजट में उसे चिन्हांकित करना चाहिए। रूर्बन ग्राम पंचायत होने के बावजूद वहां तक पक्की रोड नही बन पाई है।
–    हां सर नमस्कार सर मैं भाटापारा विधानसभा सिमगा ब्लाॅक से बोल रहा हूं। सर हीरा लाल साहू मुख्यमंत्री जी को मेरा नमस्कार सर माननीय भूपेश बघेल जी को मैं अपने गांव के लिए सड़क का मांग करना चाहता हूं। 
–    माननीय मुख्यमंत्री जी नमस्कार। मैं रूद्री, जिला-धमतरी छत्तीसगढ़ से चंद्रकांत साहू बोल रहा हंू सर। मैं आकाशवाणी का नियमित श्रोता हंू और एक युवा साथी हंू। नया बजट नया लक्ष्य में मंै जानना चाह रहा हूं कि बेरोजगारी पर युवा लोगों के लिए इस बजट में क्या लक्ष्य रखा जा रहा है और ई-कामर्स डायरेक्ट सेलिंग पर भी हमारा अच्छा उज्जवल भविष्य है, इस पर भी आप महोदय ध्यान देने की कृपा करें। इसको ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाए ताकि बेरोजगार साथियों का बहुत हद तक आर्थिक मदद मिल सके। धन्यवाद सर।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    गिरधारी लाल नायक जी, हीरा लाल साहू जी, चन्द्रकांत साहू जी। 
–  मुझे अच्छा लगा कि हमारी नई पीढ़ी अधोसंरचना विकास और अपने कैरियर को लेकर बात कर रही है।
–    हम सजावटी और दिखावटी अधोसंरचनाओं पर विश्वास नहीं करते बल्कि सुविधा विहीन अंचल का अभाव जल्दी से जल्दी दूर करने पर विश्वास करते है।
–    जवाहर सेतु योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना के साथ ही राम वन गमन परिपथ का विकास, नदी तट वृक्षारोपण, विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना, सड़क सुरक्षा निर्माण योजना आदि के लिए हमने बजट प्रावधान रखा है।
–    जल-जीवन मिशन के माध्यम से 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन, नगरीय क्षेत्रों में जल आवर्धन योजना, मिनीमाता अमृतधारा नल योजना के माध्यम से गौठानों में नलकूप खनन के लिए पर्याप्त प्रावधान रखा गया है।
–    5 वर्षों में सिंचाई क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है।
–    नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, स्काडा योजना, शहरी विद्युतीकरण योजना, मुख्यमंत्री मजरा टोला विद्युतीकरण योजना के लिए पर्याप्त प्रावधान रखा गया है।
–    हमारा प्रयास है कि जल्दी से जल्दी प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी अधोसंरचना हर क्षेत्र के निवासियों को उपलब्ध हो जाए। 
–    प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी अधोसंरचना, आॅनलाइन सेवाओं के विकास के लिए बहुत से कदम उठाए जा रहे हैं। इनके लिए बजट प्रावधान भी किया गया है। मैं चाहूंगा कि हमारे युवा स्वयं को शिक्षण व प्रशिक्षण के माध्यम से तैयार रखें। आपके रोजगार व स्वरोजगार के सारे रास्ते खोलने के लिए हम पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। इसमें स्थानीय उद्योगों का भी सहयोग लेने की रणनीति अपनाई जा रही है। हमारा बजट हमारी विचारधारा के अनुसार न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला है। इसमें कोरोना काल के सबक ग्लोबल इंसानियत तथा लोकल संसाधनों से स्थानीय लोगों के सशक्तीकरण पर जोर है। 
जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़
एंकर
–    श्रोताओं लोकवाणी का आगामी प्रसारण 9 मई, 2021 को होगा। जिसमें माननीय मुख्यमंत्री पानी बचाने के उपायों, उपलब्धियों और सुझावों पर आम जनता से चर्चा करेंगे। आप इस विषय पर अपने विचार सुझाव और सवाल दिनांक 27, 28 एवं 29 अप्रैल, 2021 को दिन में 3 बजे से 4 बजे के बीच फोन करके रिकार्ड करा सकते हैं। फोन नम्बर है 0771-2430501, 2430502, 2430503

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