Uncategorizedछत्तीसगढ़प्रदेशरायगढ़

एसईसीएल के सामुदायिक भवन में 10 आक्सीजन बेड का क्षेत्र की जनता को नही मिल रहा लाभ…

विनोद पटेल

कोविड 19 के संक्रमण काल मे ऑक्सीजन बेड वाले भवन में लगा रहता है,ताला ?

छाल क्षेत्र में बढ़ते संक्रमण के बीच डॉक्टर पैंकरा व बीडीसी मीरा संतराम खूंटे ने पूरी मुस्तैदी से सम्हाल रखा है मोर्चा

छाल 4 मई 2021! क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीज जंहा इनका प्राथमिक उपचार छाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टर पैंकरा की देख रेख में बड़े है सहजता के साथ किया जा रहा है। आस पास के ग्रामीणों के साथ ही साथ यंहा छाल प्राथिमक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ पैकरा से अपना ईलाज करवाने दूर दराज से भी लोग आ रहे है। जब से कोविड 19 का खतरा क्षेत्र में बढ़ा है छाल स्वास्थ केंद्र में मरीजो का संख्या काफी बढ़ गया है सुबह 6 बजे से देर रात तक मरीजो का प्राथिमक स्वास्थ केंद्र में डॉ पैंकरा से ईलाज करवाने के लिए आ जा रहे है। छाल हॉस्पिटल में कोविड 19 जैसे महामारी के समय लगातार दिनो दिन मरीजो की संख्या बढ़ जाने व स्टॉफ की कमी से काफी समस्या आ रही है। यंहा पदस्थ डॉक्टर व स्टॉफ को आराम तक अच्छे से नही मिल पा रहा है।


क्षेत्र में जनसहयोग से ब्यवस्था बना रहे बीडीसी व डॉ पैंकरा

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छाल में डॉ पैंकरा छाल क्षेत्र के बीडीसी मीरा संतराम खूंटे व क्षेत्र के ग्रामीणों व समाज सेवकों द्वारा मिलकर कोरोना महामारी छाल क्षेत्र में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यंहा के लोगो को कोई तकलीफ ना हो सुविधा की दृष्टि से छाल प्राथिमक स्वास्थ केंद्र में सबके सहयोग से ऑक्सीजन बेड व ऑक्सीजन का व्यस्था किया गया है।जिससे छाल हॉस्पिटल में आये मरीजो को थोड़ा राहत मिल सके ऑक्सीजन का कमी ना हो। छाल हॉस्पिटल में कोरोना मरीजो का उपचार हो सके व उन्हें और अच्छा सुविधा मिल सके जिसके लिए लगातार क्षेत्र के दानवीर आगे भी आ रहे है और अपनी इच्छा अनुरूप सहयोग कर रहे है।


छाल क्षेत्र में एसईसीएल की डिस्पेंसरी का कोविड 19 के दौर में जनहित में नही कोई सहयोग

छाल स्थित महारत्न कम्पनी एसईसीएल द्वारा कोविड19 के इस दौरान में ना तो उनके डिस्पेंसरी और न ही उनके डॉक्टरों और न ही उनके हॉस्पिटल स्टाफ का अपने कर्मचारियों का सहयोग व सुविधा दे पा रहे है और ना ही क्षेत्रवासियों का सहयोग कर रहे है क्योंकि छाल एसईसीएल कॉलोनी स्थित डिस्पेंसरी में मरोजो का सर्दी, बुखार, खासी के लिए सीधा गाईडलाइन जारी कर दिया है कि वे छाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना कोरोना जांच करवाने इनके द्वारा अपने कर्मचारियों को सीधा छाल भेजा जा रहा है। जबकि एसईसीएल की डिस्पेंसरी में दो डॉक्टर मौजूद है जिसमे एक ही डॉक्टर उपलब्ध रहते है वह भी सिर्फ हॉस्पिटल में बैठक कर आने वाले मरीजो का पर्ची काटने में लगा हुआ है। जबकि यंहा एसईसीएल द्वारा सामुदायिक भवन में 10 ऑक्सीजन युक्त बिस्तरों का बेड की सुविधा तैयार तो किया गया है पर वह नाम मात्र के लिए ही है क्योंकि समुदायिक भवन में ताला जड़ दिया गया है। जब इसके बारे में एसईसीएल के पर्सनल विभाग से जानकारी लिया गया तो उनके द्वारा साफ पल्ला झाड लिया गया कि हमे आदेश मिला कि आप 10 इमरजेंसी बेड तैयार करे हमने कर दिया । इसका उपयोग छाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए किया जा सकता है। हमारे यंहा के डॉक्टर को कोई कोविड19 का कोई अनुभव नही है यह बोलकर साफ पल्ला झाड़ लिया जाता है!

3 कि मि दूर एसईसीएल के 10 ऑक्सिजन बेड का नही मिल रहा लाभ

डॉ सुरेंद्र पैकरा(छाल हॉस्पिटल):- लोगो को जागरूक होने सबसे ज्यादा जरूरत है इन्ही के सहयोग से हम कोरोना जैसे बीमारी से जीत सकते है । छाल क्षेत्र के लोगो का भरपूर सहयोग मिल रहा है जिससे हम इनके सहयोग से आई.सी.यू. तैयार कर लिया है और यंहा कोरोना संक्रमित मरीजो के लिए आक्सीजन की भी व्यस्था करके रखे हुए है। जिससे क्षेत्र के मरीजो को इसका फायदा मिल रहा है। रही बात एसईसीएल द्वारा 10 बेड तैयार करने की तो,एसईसीएल के 10 ऑक्सिजन बेड छाल हॉस्पिटल से 3 कि मि दूर है,इसलिए उसका हमे कोई फायदा नही मिल रहा है क्योंकि हमारे पास स्टॉफ व डॉक्टर की कमी है अगर हम वंहा मरीज को भेजते है तो उनका देखरेख करने वाला वंहा कोई नही है। जिससे वंहा मरीजो को समस्या आएगी। अगर हमे डॉक्टर व स्टॉफ मिले तो क्षेत्र के मरीजो को ज्यादा सेवा दे सकेंगे।

शिवचरण जांगड़े (एसईसीएल पर्सनल विभाग) :- हमने सामुदायिक भवन में बेड तो तैयार कर दिया है पर डॉक्टर नही होने से इसका कोई लाभ ना ही हमारे कर्मचारियों को मिल रहा ना ही क्षेत्रवासियों को।

Back to top button