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सारंगढ़ क्षेत्र का मामला कोटवार के मनमानी रवैये से ग्रामीण हो रहे परेशान

सारंगढ़ 7 jun 2021।कोटवार हर गांव में एक संदेश वाहक के रूप में अपनी भूमिका निभाते है कोटवार अधिकारियों के लिए एक गाइड की तरह होता है जो शासन प्रशासन से आए हुए नीति नियमों को या जरूरी जानकारियों को मुनादी कर जनता तक पहुंचाने का काम करते है इतना ही नहीं गांव स्तर पर कोटवार को एक पदाधिकारी के साथ साथ गांव के मुख्या भी माने जाते है जिनकी भूमिका गांव स्तर पर काफी प्रभावी होता है अगर गाव स्तर पर अगर कोई घटना घट जाता है या कोई ग़लत रवैया उत्पन्न होता है तो शासन प्रशासन कोटवार को सबसे पहले बुलाया जाता है और उनकी मदद से ही आगे का कार्य किया जाता हैं कोटवार का पद जिम्मेदारियों से भरा पद होता है लेकिन कई ऐसे कोटवार है जो अपनी कर्तव्यों से भागते नजर आ रहे है और गांव के खुद ही सरकार बने फिर रहे है जिन्हे शासन प्रशासन का कोई डर नहीं गलत कार्यों को करने में इतने हौसले बुलंद है जिनके सामने पूरा गांव दरकिनार हो गया ऐसे ही एक ताजा तरीन मामला सारंगढ़ तहसील क्षेत्र ग्राम कुधरी का है जिसे जानकार आप भी हैरान हो जायेगे।

कुधरी कोटवार ने किया सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा

सारंगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम कुधरी में कोटवार पर ग्रामीणों ने लगाया गम्भीर आरोप अपने कर्तव्यों का पालन करने के बजाय दुरुपयोग करने में लगा हुआ है जिसे ना तो किसी शासन प्रशासन का डर है ना ही भय बेझिझक तरीके से अपनी मनमर्जी तरीके से कार्य कर रहे है ना तो कभी मुनादी करते है और ना ही किसी प्रकार की कोई जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचते है कोटवार के इस रवैया से ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है ग्रामीणों का कहना है कि कोटवार अपनी पद की जिम्मेदारियों से हट कर काम कर रहे है जिसकी शिकायत लेकर विगत महीने ग्रामीणों द्वारा सारंगढ़ तहसील में भी किया गया है वहीं मिली जानकारी अनुसार आपको बता दे कि ग्राम कूधरी कोटवार के ऊपर कई तरह के आरोप लग रहे है शिकायत अनुसार ग्राम कोटवार जबरदस्ती तरीके से शासकीय भूमि पर कब्जा करने में लगा हुआ है बताया जा रहा है कि ग्राम कुधरी के शासकीय उचित मूल्य की दुकान के लिए सह गोदाम बनाया गया है उसके समीप एक पुराना और सार्वजनिक रास्ता है जिसमे ग्रामीणों आवाजाही करने का उपयोग करते है ग्रामीणों के लिए एक मात्र रास्ता है जिसमे कृषि के दिनों में अपनी हल , बैल,ट्रैक्टर, एवं ग्रामीणजन वाहाजही के लिए उसी रास्ते का इस्तमाल करते है लेकिन कोटवार अपनी निजी स्वार्थ के लिए शासकीय रास्ते को कोटवार द्वारा जबरदस्ती बल पूर्वक अवैध रूप से कब्जा करने में लगा हुआ है ग्रामीणों के लिए सार्वजनिक रास्ते को बंद कर बिनी किसी की जानकारी के मकान बनाना शुरू कर दिया ,जब इसकी जानकारी ग्राम के पदाधिकारी एवं ग्रामीण को जानकारी हुआ तो मनाही करने पर कोटवार उल्टे ही भड़क पड़े और बलपूर्वक जबरदस्ती करने लगा इतना ही नहीं ग्राम के पदाधिकारी एवं ग्रामीणों को षडयंत्र पूर्वक फसाने का धमकी देने लग गया और गाली लगौज करने पे उतारू हो गए जिसके विरुद्ध ग्राम पदाधिकारी एवं ग्रामीण सारंगढ़ तहसील एवं थाना में शिकायत दर्ज करवाया गया है यहाँ तक की शिकायत होने के बाद न्यायालय से कोटवार को निर्देशित भी किया गया कि जब तक इस प्रकरण के निराकरण ना हों जाए तब तक मकान बनाने पर रोक लगा दिया गया था लेकिन उसके बावजूद भी कोटवार मनमानी तरीके से मकान को तीव्र गति से बनाने में लगा है और हाल ही में ग्रामीण द्वारा 112 की टीम को अवगत कराया गया था कि कोटवार को न्यायालय से नोटिस दिया गया कि जब तक इस प्रकरण पर निराकरण ना हो जाए मकान को आगे ना बनाए लेकिन उसके बावजूद भी कोटवार न्यायालय की नोटिस को दरकिनार कर अपनी मनमर्जी तरीके से मकान को बनाने में लगा हुआ है जिसमें 112 की टीम गांव पहुंच कर कोटवार को मनाही किया गया कोटवार अपनी पद के अधिकार एवं जिम्मेदारी का गलत तरीके से इस्तेमाल करने में लगा हुआ है जिसे ग्रामीण पदाधिकारीयो ग्रामीण द्वारा कई बार अवगत कराया गया लेकिन उसके बावजूद भी कोटवार अपनी ही मनमर्जी करने लगा है जिसे ग्रामीण जन परेशान होकर गांव में ग्राम सभा का आयोजन कर कोटवार को पद से हटाकर किसी जिम्मेदार नागरिक को दिया जाए जिसके लिए यह तक की कोटवार को पद से हटाने प्रस्ताव भी जारी किया गया है लेकिन अभी तक इस प्रकरण पर कोई उचित कार्यवाही नहीं हुआ है शिकायत किए कई महीने बीत गए हालांकि शासन प्रशासन ने मकान ना बनाने की नोटिस दिया गया लेकिन उसके बावजूद बनाया जा रहा है जिसमे अभी प्रशासनिक कदम नहीं उठाया गया जिससे कोटवार के हौसले और भी बुलंद हो रहे है शिकायत किए कई महीने बीत गए कुछ नहीं हुआ ये सोच बलपूर्वक मकान बनाने में फिर से लग गया इतना ही नहीं सूत्र से मिली जानकारी अनुसार प्रशासनिक अधिकारी इस कोटवार पर है महेरवान यहाँ तक कि कुछ लिफाफे भी पहुचाये गया है कोटवार की ओर से कहीं ऐसा तो नहीं कि कोटवार पर कोई कार्यवाही नहीं होने की सबसे बड़ी वजह मोटी लिफाफे की चादर तो नहीं जिसे मिलते ही अधिकारी के सामने बेजाकब्जाधारी की गलत करतूत छुप गए हो

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